दोस्तों आज मिलिट्री हथियार बहुत बड़े स्तर पर बनाए जा रहे हैं | अगर आज के एडवांस हथियारों की तुलना पुराने वर्ल्ड वॉर के समय के हथियारों से की जाए तो आज हम जो तकनीक इस्तेमाल कर रहे हैं वह बहुत शानदार है लेकिन अब यह ऐसा समय है जब रोबोट इंसान के लिए जंग में उतरेंगे और सोचिए एक ऐसी लड़ाई के बारे में जो सिर्फ टेक्नोलॉजी और रोबोट के बीच हो | तो मैं हु आपका दोस्त दक्ष और आप देख रहे हैं Gyanpot.com |

Dogo

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अगर कम शब्दों में कहें तो डोगो एक कंपैक्ट पावर हाउस जो किसी भी मुश्किल घड़ी में बहुत मददगार साबित होता है | इस रोबोट में 6 कैमरे हैं जिससे आप चारों और नजर रख सकते हैं और कहीं भी घुसपैठ कर सकते हैं | इसे एक रिमोट कंट्रोल से कंट्रोल किया जाता है इस छोटे से रोबोट के अंदर Glock 26 पिस्तौल भी है और यह गन 14 राउंड फायर कर सकती है | इस रोबोट में लगे लेजर की मदद से आप बिल्कुल एक्यूरेट firing कर सकते हैं | डोगो 2 सेकंड में 5 राउंड फायर करता है इस रोबोट में पुलिस सर्विस के लिए  भी कई फीचर्स है जैसे माइक्रोफोन और स्पीकर जिससे दुश्मन के इलाके में उनकी खुफ़िआ बातें सुनी जा सके |

GuardBot

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GuardBot रोबोट को स्पेशली मार्स मिशन के लिए तैयार किया गया है जो किसी भी सतह पर 9 माइल प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकता है | यहां तक कि यह पानी में भी 3 माइल प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकता है | यह मिलिट्री का एक ऐसा रोबोट है जिसे निगरानी करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है इस रोबोट में pendulam motion drive सिस्टम है | जिसे एक बार चार्ज करने के बाद 25 घंटे तक लगातार काम में लाया जा सकता है यह कई तरह के सेंसर, ऑडियो और जीपीएस से लैस है | जिसे रिमोट या सेटेलाइट द्वारा कंट्रोल किया जाता है |

Robot StingRays

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हम उस समय से ज्यादा दूर नहीं है जब रोबोट मनुष्य की जगह हमें देखने को मिलेंगे | यहां तक की आज साइंस ने रोबोटिक स्टिंग रे भी तैयार कर ली है और इसके बायो मकैनिज्म को आसानी से recreate किया जा सकता है | इसे टाइटेनियम और एलमुनियम के ढांचे से तैयार किया गया है और इसके पंख सिलिकॉन के बने हुए हैं | इस रोबोट को इस तरह से बनाया गया है कि यह किसी भी समुद्र में आसानी से घुसपैठ कर सके और साथ ही इसमें अल्ट्रासोनिक्स प्रोडक्शन सिस्टम भी ऐड किया गया है | यह रोबोट 6 मील प्रति घंटे की रफ्तार से तैर सकता है | इस रोबोट में स्लीप मोड भी है जिससे दुश्मन की आंखों में आये बिना समुन्द्र में घुसपैठ की जा सके |

Mq 1 Predator

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अमेरिका में बनाए गए इस रोबोट का को किसी इंट्रोडक्शन की जरूरत नहीं है | MK1 प्रेडेटर ड्रोन एयरक्राफ्ट हैं | जो सबसे ज्यादा इस्तेमाल में लिया जाने वाला “Remote Piloted Aircraft” है | जिसे US, Turkish, Italian और Morroco एयर फोर्सेस में पिछले 20 सालों से इस्तेमाल किया जा रहा है | इस एयरक्राफ्ट में AGM 114 C Hellfire Antitank Missile लोड है | यह एयरक्राफ्ट रिमोट कंट्रोल हैं | जिसे मिलिट्री बेस से कंट्रोल किया जाता हैं और दुश्मन के इलाकों पर हमला करने के लिए ये हमेशा तैयार रहते हैं  |

Robo Bees

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हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में इन रोबोट मधुमक्खियों को तैयार किया गया है | इस एक मधुमक्खी का वजन 80 मिलीग्राम है और इस मधुमक्खी के लिए बनाए गए पंख 1 इंच के हैं जो मनुष्य द्वारा किसी रोबोट के लिए बनाए गए अभी तक के सबसे छोटे पंख है | यह पंख 1 सेकंड में 120 बार फड़फड़ाते हैं और इनकी  मूवमेंट को भी रिमोट से कंट्रोल किया जा सकता है | इस रोबोट को खोजबीन बचाव और घुसपैठ करने के लिए तैयार किया गया है | लेकिन अभी इस रोबोट पर काम चल रहा है जिससे रोबोट को मिलने वाली पावर सप्लाई को बिना किसी एक्स्ट्रा बैटरी के चलाया जा सके | अगर इस मुश्किल का हल निकलता तो इन्हें बहुत से खुफ़िआ मिशन के लिए इस्तेमाल किया जा सकेगा |