दोस्तों प्रकृति ने हमें बहुत कुछ दिया है जिस वजह से आज पृथ्वी पर जीवन संभव है और इसी कड़ी में सबसे अहम चीज है पेड़ पौधे | जी हां दोस्तों प्रकृति ने हमें पेड़ पौधे देकर जीने की वजह दी है क्योंकि बिना पेड़ पौधों जीवन असंभव है लेकिन प्रकृति ने हमें साधारण पेड़ पोधो के साथ कई ऐसे पेड़ पौधे भी दिए हैं जो बेहद ही विचित्र है | जिन्हें देखकर आप भी अचरज में पड़ जाएंगे कि आखिर यह कैसे संभव है क्योंकि इन पेड़ों में एक पेड़ ऐसा भी है जिसमें से खून भी निकलता है

Blood Wooden Tree

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कहते हैं कि पेड़ पौधों में भी जान होती है। अक्सर हम इस बात की अनदेखी भी कर देते हैं। लेकिन अगर किसी पेड़ को काटने पर खून निकलने लगे, तो आप बेशक डर जाएंगे क्योंकि अमूमन ऐसा होता नहीं हैं। जी हां, दक्षिण अफ्रीका मे पाएं जाने वाला यह वृक्ष न तो चमत्कारिक है और न रहस्यमयी। हां, ये पेड़ विचित्र जरूर है। इनकी विचित्रता के कारण ही ये विश्व प्रसिद्ध हैं। और इसकी प्रसिद्धी का कारण है इसके अंदर से निकलने वाला लाल खून। ये अनोखे पेड़ दक्षिण अफ्रीका मे पाए जाते हैं। इन पेड़ों को जब भी काटा जाता है तो खून बहने लगता है। इस नजारे को देखने बड़ी संख्या में टूरिस्ट पहुंचते हैं। इस पेड़ को किआट मुकवा, मुनिंगा और ब्लडवुड ट्री के नाम से जाना जाता है। अगर इस पेड़ की डाली टूट जाए तो भी पेड़ से खून बहने लगता है।ब्लडवुड ट्री की खासियत ही इन्हें बाकी सभी पेड़ों की प्रजातियों से अलग बनाती है। जब भी इसके तने या पेड़ की शाखा को काटा जाता है तो इनमें से गहरे लाल रंग का तरल पदार्थ बहने लगता है। यह तरल पदार्थ देखने में खून जैसा होता है जो लगभग किसी जानवर के कटे अंग से बहने वाले खून का आभास देता है।

Pine Trees

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पोलैंड में ग्रेफाइनो के जंगल में 400 चीड़ के ऐसे वृक्ष हैं जो अपनी अद्भुत आकृति के लिए प्रसिद्ध हैं। इस जंगल को क्रूक्ड फॉरेस्ट कहते हैं। इस फॉरेस्ट में पाइन के वृक्षों को 1930 में लगाया गया था। पेडों की घुमावदार आकृति मनुष्य द्वारा बनाई गई है, लेकिन यह घुमावदार आकृति आखिर किस उद्देश्य से दी गई थी इस बारे में कोई नहीं जानता। हालांकि इस जंगल के इन वृक्षों को दुनिया के विचित्र वृक्षों में शामिल किया गया है।

Dragon Tree

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ड्रैगन वृक्ष को जीवित जीवाश्म इसीलिए माना जाता है, क्योंकि जब इसे काटा जाता है तो इसमें से खून की तरह लाल रंग का रस निकलता है। इस वृक्ष का आधार चौड़ा, मध्य भाग संकरा और ऊपर का भाग किसी छतरी की तरह तना हुआ है। इसी कारण यह भाग ऐसा लगता है कि सैंकड़ों पेड़ उगकर एकसाथ बंध गए हो। अफ्रीका के उत्तरी पश्‍चिमी तट पर कैनरी आयलैंड स्थित है, इस वृक्ष को देखने के लिए विश्वभर से लोग आते हैं। लेकिन इसे ड्रैगन ट्री क्यों कहा जाता है यह समझ से परे है।

Silk Cotton

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कंबोडिया के अंगारकोट में स्थित इस वृक्ष को देखने के लिए विश्‍व के कोने-कोने से लोग आते हैं। अंगारकोट में विश्‍व प्रसिद्ध हिन्दू मंदिर भी है। यहां का जंगली क्षेत्र सिल्क कॉटन के वृक्षों के लिए भी प्रसिद्ध है। यहां का ‘ता फ्रोम बौ‍द्ध मंदिर’ 12वीं शताब्दी में बनाया गया था हालांकि अब तो यह खंडहर में बदल चुका है। सैकड़ों साल पुराने मंदिर और इन पेड़ों को विश्‍व धरोहर घोषित कर दिया गया है। यहां के विशालकाय मंदिरों को इन वृक्षों ने ढंक कर रखा है। मंदिर और वृक्ष का यह अद्भुत मिलन देखना किसी आश्चर्य से कम नहीं।

Baobab

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मेडागास्कर अफ्रीका की भूमि है। है। बाओबाब वृक्ष बहुत ही मजबूत वृक्ष होता है। इसे हिन्दी में गोरक्षी कहते हैं। 30 मीटर ऊंचे और लगभग 11 मीटर चौड़े इस वृक्ष को देखना बहुत ही अद्भुत है। आप इसे देखेंगे तो दंग रह जाएंगे। बाओबाब वृक्ष की सबसे पहली पहचान है इसका उल्टा दिखना इसका मतलब इसको देखने पर आभास होता है कि मानों पेड़ की जड़े ऊपर और तना नीचे हो। इस पेड़ पर साल के 6 माह पत्ते लगे रहते हैं और बाकी छह माह यह पेड़ एक ठूंठ की भांति दिखाई देता है । अफ्रीका ने इसे ‘द वर्ल्ड ट्री’ की उपाधि भी प्रदान की है और इसे एक संरक्षित वृक्ष भी घोषित किया है। बताया जाता है कि यहां स्थित कुछ बाओबाब वृक्ष बहुत ही पुराने हैं। यह वृक्ष रोमन समय से ही यहां खड़े हैं। ऐसा ही एक वृक्ष इफेती शहर के पास स्थित है। इस पेड़ का नाम टी-पॉट बाओबाब है। इसके मुख्य तने से एक तना और निकला है, इसी कारण इसका नाम टी-पॉट पड़ा। इसे 1200 साल पुराना बताया जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार इसमें एक लाख 17 हजार 348 लीटर पानी स्टोरेज करने की क्षमता है। इस प्रजाति के कुछ और पेड़ यहां हैं, जिनकी लंबाई 80 मीटर और तने की चौड़ाई 25 मीटर तक है।