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नई दिल्ली। एक बार फिर डेबिट-क्रेडिट कार्ड (debit-credit card) के डाटा पर इंटरनेट की काली दुनिया का साया मंडरा रहा है। जी हाँ, भारत के करीब 13 लाख डेबिट और क्रेडिट कार्ड की डीटेल्स बिक्री के लिए उपलब्ध हैं। डार्क वेब पर यह अब तक का शायद सबसे बड़ा डेबिट-क्रेडिट कार्ड चोरी बताया जा रहा है और इसमें 98
फीसदी भारतीय बैंकों के कार्डस् हैं।

ZDNet की एक रिपोर्ट के अनुसार, Group-IB ने कहा है कि इन कार्ड्स की डीटेल 100 डॉलर में बेची जा रही है। बता दें, हैकर्स आम तौर पर बल्क में कार्ड डीटेल्स खरीदते हैं। इसके बाद एक-एक डीटेल को इतेमाल करते है। सफल होने पर उन कार्ड्स में कुछ के अकाउंट्स खाली कर देते हैं।

बताया जा रहा है कि शुरुआती एनालिसिस ये बात सामने आ रही है ATM और PoS सिस्टम में इंस्टॉल किए स्किमिंग डिवाइस से कलेक्ट किए गए हैं। गौरतलब है कि 12 लाख डेबिट क्रेडिट कार्ड की जो जानकारियां वेबसाइट पर अपलोड की गई हैं इनमें वो डेटा है, जो पेमेंट कार्ड के मैग्नेटिक स्ट्रिप पर होता है।

क्या है डीप और डार्क वेब
जब भी हम किसी ब्राउजर में कुछ सर्च करते हैं तो हमें तुरंत लाखों नतीजे मिल जाते हैं। हालांकि, यह पूरे इंटरनेट का सिर्फ 4 पर्सेंट हिस्सा है, जो 96 पर्सेंट सर्च रिजल्ट में नहीं दिखता है, वह डीप वेब होता है। इसमें बैंक अकाउंट डीटेल, कंपनियों का डेटा और रिसर्च पेपर जैसी जानकारियां होती हैं। डीप वेब का ऐक्सेस उसी शख्स को मिलता है, जिसका उससे सरोकार होता है।

इन टिप्स रखें ध्यान
* किसी भी धोखाधड़ी से बचने के लिए पुराने या खराब हालत होने ऐसे ATM से दूर रहें। इन ATM में बार-बार कार्ड के इस्तेमाल से आपका डाटा भी चोरी हो सकता है।
* अगर ATM आपसे ट्रांजैक्शन पूरा करने के लिए पिन दो बार एंटर करने को कहे तो समझ जाओ कुछ गड़बड़ है।
* ATM के आसपास लगे किसी खुफिया कैमरे की निगाह से बचने के लिए अपना पिन एंटर करते वक्त कीपैड को छिपाएं।



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