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गुजरात में सरदार पटेल की सबसे ऊंची प्रतिमा और राजस्थान के नाथद्वारा में भगवान शिव की सबसे ऊंची मूर्ति के बाद, अब जल्द ही यूपी के अयोध्या में भगवान राम की सबसे ऊंची मूर्ति बनने जा रही है। भगवान राम की यह प्रतिमा विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा होगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई एक मीटिंग में इस पर फैसला लिया गया। बैठक में अयोध्या में प्रस्तावित राम मूर्ति और उसके आसपास के डिजाइन और प्रारूप को लेकर भी चर्चा हुई। इसका एक मॉडल भी तैयार किया गया है।

अयोध्या में सरयू नदी के किनारे लगभग 100 एकड़ में पूरा इलाके का कायाकल्प किया जाएगा। 251 मीटर ऊंची भगवान श्रीराम की मूर्ति बनाई जाएगी। इसमें 20 मीटर ऊंचा चक्र भी होगा। मूर्ति के नीचे 50 मीटर का बेस होगा। भगवान श्रीराम के हाथ में धनुष, तीर और तरकश होगा।

50 मीटर ऊंचे बेस के नीचे ही भव्य व आधुनिक म्यूजियम बनाया जाएगा, जिसमें भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़ी चीज़ों को रखा जाएगा। यही नहीं इस म्यूजियम में अयोध्या का इतिहास और इक्ष्वाकु वंश के राजा मनु से लेकर श्रीराम जन्म भूमि तक का इतिहास होगा। आधुनिक तकनीक के माध्यम से इस म्यूजियम में भगवान विष्णु के सभी अवतारों को भी दिखाया जाएगा।

उत्तर प्रदेश सरकार के सूत्रों के मुताबिक, प्रोजेक्ट पर पूरा खर्च 2500 करोड़ रुपए का होगा। इसे तीन फेज में खर्च किया जाएगा। पहले फेज में 1500 करोड़ खर्च होंगे। उत्तर प्रदेश सरकार प्रोजेक्ट में तकनीकि सहायता के लिए गुजरात सरकार के साथ सहमति भी करेगी। वहीं, प्रतिमा को खड़ा करने और देखरेख के लिए राजकीय निर्माण निगम का भी गठन किया जाएगा।

राम मूर्ति के लिए यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने खास प्लान तैयार किया है। राम मूर्ति के साथ-साथ सरयू रिवरफ्रंट भी बनाया जाएगा। सीएम योगी की अध्यक्षता में एक ट्रस्ट का गठन होगा। योगी सरकार ने विश्व की सबसे ऊंची भगवान राम की प्रतिमा बनवाने का ऐलान किया, जल्द ही इसका निर्माण शुरू कर दिया जाएगा। अयोध्या से गुजरने वाले हर शख्स को राम के दर्शन हो सकेंगे।

म्यूजियम के अलावा पर्यटकों को यहां पर राम कुटिया (कॉटेज), सात्विक भोजनालय, विश्राम गृह, राम लीला मैदान, गुरूकुल, सरयू घाट, ऑडिटोरियम, वनवास (बगीचा), पार्किंग, गौशाला, वैदिक पुस्तकालय, सर्विस रोड, पेडेस्टल प्लाजा ये सब सुविधायें भी मिलेंगी।

अयोध्या में श्री राम मूर्ति और म्यूजियम को लेकर एक नया विवाद खड़ा होता दिख रहा है। अयोध्या जिला प्रशासन की ओर से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू करते ही विवाद खड़ा हो गया है। 64 जमीन के मालिकों ने भूमि अधिग्रहण को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं और मामलों के साथ कोर्ट पहुंच गए हैं। प्रशासन के जमीन अधिग्रहण के तरीके को लेकर 64 भूमि मालिकों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच का दरवाजा खटखटाया है, जहां उनकी याचिका को स्वीकार कर लिया गया है। इसके लिए हाई कोर्ट ने प्रशासन अधिकारियों और जमीन मालिकों को अपना पक्ष रखने के लिए 25 जुलाई को पेश होने के लिए तारीख तय की है।

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